Saturday, January 26, 2019

सेट-टॉप बॉक्स का पोर्टेबिलिटी सिस्टम साल 2019 खत्म होते-होते आ जाएगा

set top box portability in india

क्या अपने केबल ऑपरेटर या डीटीएच कंपनी से परेशान हैं?  और मोबाइल सिम की तरह अपना सर्विस प्रवाइडर नहीं बदल सकते ! ऐसी स्थिति लंबे वक्त तक नहीं रहने वाली, टेलिकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राइ) 2019 के आखिर तक ऐसी व्यवस्था लाने जा रहा है जिससे आप सेट-टॉप बॉक्स में भी अपनी मर्जी की कंपनी का कार्ड लगा पाएंगे। इससे उन लाखों ग्राहकों को ऑपरेटर चुनने की आजादी मिल जाएगी जो अपने मौजूदा ऑपरेटर से परेशान हैं।

ऑपरेटर्स का तीखा विरोध
डीटीएच ऑपरेटर्स और केबल सर्विस देने वाले ट्राइ के इस कदम का तीखा विरोध कर रहे हैं। इस वजह से ट्राइ को नई व्यवस्था लागू करने में मुश्किल हो रही है। कॉन्टेंट डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियां अक्सर दलील दिया करती हैं कि ऑपरेटर बदलने की सुविधा दे पाना मुश्किल है क्योंकि हरेक ऑपरेटर के सेट-टॉप बॉक्स एनक्रिप्टेड होते हैं और इसमें छेड़छाड़ करने से एक-दूसरे में सेंधमारी की आशंका पैदा होगी।

इस संबंध में देश के दो सबसे बड़े डीटीएच सर्विस प्रवाइडर्स डिश टीवी और टाटा स्काइ को भेजे गए सवाल का कोई जवाब नहीं मिला। हालांकि, कॉन्टेंट डिस्ट्रिब्यूशन इंडस्ट्री के अधिकारी कहते हैं कि हरेक सेट-टॉप बॉक्स में अलग-अलग सॉफ्टवेयर और कॉन्फिगरेशन होते हैं, इसलिए उन्हें दूसरी कंपनी की सेवाओं के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।

ट्राइ चेयरमैन ने बताया समाधान
हालांकि, ट्राइ चेयरमैन का कहना है कि सेट-टॉप बॉक्स को पहले से ही किसी खास कंपनी का सॉफ्टवेयर लोड करके बेचने की जगह ऐसा तरीका अपनाया जाएगा जिसमें बॉक्स को खरीदने के बाद सॉफ्टवेयर डाउनलोड की अनुमति हो। शर्मा ने कहा, 'उदाहरण के तौर पर आप मार्केट से एक न्यूट्रल सेट-टॉप बॉक्स खरीदेंगे जो किसी खास कंपनी का नहीं होगा। उसके बाद आप जिस कंपनी की सेवा लेंगे, उसका सॉफ्टवेयर बॉक्स में डाउनलोड हो जाएगा।'

ट्राइ इसका समाधान निकालने के लिए सरकारी एजेंसियों के साथ-साथ बाहरी सलाहकारों के साथ काम कर रही है। ट्राइ चेयरमैन ने कहा, 'प्रॉजेक्ट पर काम चल रहा है, मैं सुनिश्चत करूंगा कि यह एक साल के अंदर पूरा हो जाए।

अभी देश में 16 करोड़ पे-टीवी सब्सक्राइबर्स हैं और सेट-टॉप बॉक्स कंपनी से बंधे हैं। अभी दूसरी कंपनी की सेवा लेने के लिए दोबारा नया डीटीएच खरीदना होगा, इसलिए खराब सर्विस के बावजूद मौजूदा कंपनी में ही बने रहना उनकी मजबूरी है। लेकिन, एक बार पोर्टेबिलिटी की सुविधा आ गई तो सेट-टॉप बॉक्स मोबाइल डिवाइस जैसा हो जाएगा जिसमें जिस कंपनी की चाहें, उसमें सिम कार्ड की तरह सेट-टॉप बॉक्स कार्ड बदल सकते हैं।

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